DEVELOPMENT/विकास
लघु एवं कुटीर उद्योग प्रशिक्षण
इस कार्यक्रम के तहत गांव के महिलाओं एवं पुरुषों को प्रशिक्षित किया जाता है कि छोटे छोटे उद्योग लगा कर आत्मनिर्भर बन सके यदि गांव का व्यक्ति चाहे तो वह घर पर ही रह कर और बहुत ऐसे कार्य है जो करके अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार सकते हैं जैसे जड़ी-बूटी, दोना पत्तल, मंजन, धूपबत्ती, अगरबत्ती, अचार-मुरब्बा, शिलाई कढ़ाई, आदि जैसे बहुत से उद्योग हैं जिसे गांवो में आसानी से किये जा सकते हैं। इन सभी कार्य क्रम का निःशुल्क प्रशिक्षण एवं सहयोग।
जैविक खेती के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण
इस कार्यक्रम के माध्यम से गांव के किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाता है और उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है। जैसा कि आज खेतों की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है जिसका मूल कारण है रासायनिक खाद एवं दवा जो जमीनों को तो नुकसान करता ही है और इसी का नतीजा है कि हर व्यक्ति किसी न किसी बीमारियों का शिकार होता जा रहा है। यदि हम अपने फसलों को जहर मुक्त कर लें तो हम आटोमेटिक स्वास्थ्य हों जायें इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए किसानों के बीच चौपाल के माध्यम से और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें प्रेरित एवं सहयोग किया जाता।
जन-जागरूकता कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के तहत लोगों को सामाजिक सुरक्षा जैसे कार्यक्रमों एवं अन्य सरकारी योजनाएं एवं बालिका शिक्षा, नशा उन्मूलन, दहेज प्रथा, पर्यावरण एवं जल संरक्षण जैसे समस्याओं एवं निवारण हेतु लोगों को जागरूक किया जाता है। बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जो गांवों में जानकारी के अभाव के कारण ही बनी रहती है। जिससे लोगों के विकास का एक बहुत बड़ा कारण बना होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक एवं सहयोग किया जाता है।
